ASA Stuti
सनातन ग्रंथों का श्रवण एवं अध्ययन संग्रहालय
2015 से आरम्भ
300 से अधिक ग्रन्थ
20,000+ अध्यायों का प्रमाणिक ऑडियो रूपांतरण
भारतीय धर्म–परंपरा का मानव-स्वर में संरक्षित जीवंत अभिलेख
वेद
ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद
लोकप्रिय भक्ति ग्रंथ
लोकप्रिय भक्ति ग्रंथ वे ग्रंथ हैं ज...
उपनिषद्
उपनिषद् वेदों का अंतिम और सबसे गूढ़...
षड्दर्शन
सांख्य, योग,न्याय, वैशेषिक, पूर्व त...
वेदान्त ग्रंथ
वेदान्त ग्रंथ वे ग्रंथ हैं जो उपनिष...
आगम शास्त्र
आगम शास्त्र वे ग्रंथ हैं जो देव–उपा...
श्रवण-परंपरा का डिजिटल रूप
भारतीय ज्ञान-परंपरा में श्रवण को ज्ञान प्राप्ति का प्रथम और मूल साधन माना गया है। ASA Stuti इसी श्रवण-परंपरा को डिजिटल माध्यम में सुरक्षित रखने का प्रयास है।
यह मंच वेद, उपनिषद्, दर्शन, पुराण, महाकाव्य तथा अन्य शास्त्रों को हिन्दी ऑडियो रूप में व्यवस्थित और शांत वातावरण में उपलब्ध कराता है, ताकि प्रत्येक जिज्ञासु बिना किसी व्यावसायिक व्यवधान के इन ग्रंथों का श्रवण कर सके।
ASA Stuti का कार्य
- दस वर्षों की साधना
- प्रारंभ: दिसंबर 2015
- 300+ ग्रन्थ, 20,000+ अध्याय
- स्रोत: सार्वजनिक डोमेन ग्रंथ
- उद्देश्य: ज्ञान का संरक्षण और श्रवण
ASA Stuti का लक्ष्य तात्कालिक लोकप्रियता नहीं, बल्कि प्राचीन भारतीय ज्ञान का दीर्घकालिक संरक्षण है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इन अमूल्य ग्रंथों को सुन सकें और अपनी सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी रहें।
पढ़ने का शांत स्थान
ASA Stuti पर शीघ्र ही चुनिंदा सार्वजनिक डोमेन ग्रंथ तथा ASA Stuti Originals पढ़ने के लिए उपलब्ध होंगे।
यह पठन-अनुभव सरल, शांत और ध्यान-अनुकूल होगा — बिना विज्ञापन और बिना किसी अव्यवस्था के।
परंपरा और जानकारी
ASA Stuti पर पारंपरिक ग्रंथों के आधार पर निम्नलिखित जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के रूप में उपलब्ध कराई जाती है—
- पंचांग
- हिन्दू पर्व
- व्रत एवं सामान्य प्रार्थना-सूचना
यह जानकारी परंपरागत संदर्भों पर आधारित है और इसका उद्देश्य केवल सांस्कृतिक जागरूकता है।
ASA का अर्थ
ASA का अर्थ है — अज्ञान से अध्यात्म।
यह मंच ज्ञान देने का दावा नहीं करता, बल्कि श्रवण के माध्यम से अज्ञान से आगे बढ़ने की एक यात्रा प्रस्तुत करता है।
Listen. Learn. Preserve.
प्राचीन ग्रन्थों के संरक्षण और प्रसार हेतु एक डिजिटल श्रवण संग्रहालय
